रमजान में पुदीना का शर्बत पीने के 10 फायदे | Ramzan me pudina ka sharbat pine ke fayde

इस आर्टिकल में आप जानेंगे रमजान में पुदीना का शर्बत पीने के 10 फायदे (Ramzan me pudina ka sharbat pine ke fayde) पुदीना एक छोटा पौधा होता है। पुदीना जमीन पर ही फैलता है अथवा अधिक से अधकि एक या डेढ़ फूट का होता है। इसकी पत्तियाँ दो से ढाई अंगुल लंबी और डेढ़ पौने दो अंगुल तक चौड़ी होती है तथा किनारे पर कटावदार और देखने में खुरदारी होती है, पत्तियों में बहुत अच्छी गंध होती है इससे लोग उन्हें चटनी आदि में पीसकर सेवन करते हैं।

पुदीने को डंठलों से ही लगाया जाता है, इसका बीज नहीं बोवा जाता है। पुदीने का फूल सफेद होता है और बीज छोटे छोटे होते हैं। पुदीना तीन प्रकार का होता है—साधारण, पहाड़ी और जलपुदीना। जलपुदीने की पत्तियाँ कुछ बड़ी होती हैं। पुदीना में रुचिकारक, अजीर्णनाशक और वमन को रोकने के गुण होते हैं। यह पौधा हिंदुस्तान में बाहर से आया है, प्राचीन ग्रंथों में इसका उल्लेख नहीं है। यह पिपरमिंट की जाति का ही पौधा है।

गर्मियों के मौसम में हम सभी कुछ ताज़ा और स्वस्थ रस या शर्बत पीना चाहते हैं जो शरीर की गर्मी को कम करते हैं और गर्म मौसम के दौरान आपको ठंडा रखते हैं। पुदीना का शर्बत सबसे आम और स्वस्थ ग्रीष्मकालीन पेय में से एक है। यह बहुत स्वादिष्ट है और इसे तैयार करना बहुत आसान है। हरे पुदीने की पत्तियों को चाट मसाला, जीरा पाउडर और नमक, लहसुन आदि के साथ मिश्रित कर चटनी तैयार किया जा सकता है।

पुदीना का रस स्वस्थ होता है क्योंकि पुदीना की पत्तियों में पाचन क्रिया को सुधारने की क्षमता होती हैं। ग्रीष्मकाल के दौरान यदि आप पाचन समस्याओं से पीड़ित हैं, तो पेट की मांसपेशियों को शांत करने और पाचन की सहायता के लिए पुदीने का रस या एक गिलास पुदीने का शर्बत पीएं। पुदीने का शर्बत के कुछ स्वास्थ्य लाभ निचे दिए गए हैं।

पुदीना का शर्बत कैसे बनाएं?

सामग्री: 1 मुट्ठी पुदीना का पत्ता, आवश्यकतानुसार चीनी, आवश्यकतानुसार बर्फ का टुकड़ा, 1 नींबू, 1 चलनी लें।

बनाने की विधि:

एक मुट्ठी पुदीना के पत्ता को सिलबट्टे या मिक्सर में चटनी की तरह पीस लें पीसने के बाद इस चटनी को चलनी से छान लें पुदीना की पत्ती में कुछ पानी डालकर भी पीस सकते हैं। इस छाने हुए रस को 1 या 2 गिलास पानी में मिलाकर आवश्यकतानुसार बाकी सामग्री भी डाल दें।

(1). शरीर की गर्मी को करे कम:

यह स्वस्थ ग्रीष्मकालीन (गर्मी के मौसम) पेय में से एक है। पुदीना शीतलन (ठंडक) प्रभाव प्रदान करता है जो शरीर की गर्मी को कम करता है। पुदीने का जूस नियमित रूप से पीने से आपको सन स्ट्रोक से बचाव होता है।

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(2). पाचन शक्ति को बढ़ाये:

पुदीने के पत्ते एंटीऑक्सिडेंट और फाइटोन्यूट्रिएंट्स से भरपूर होते हैं जो पेट की मांसपेशियों को राहत देते हैं और पाचन में भी मदद करते हैं।

(3). (Dehydration) निर्जलीकरण में फायदेमंद:

पुदीना का रस या शर्बत गर्मियों के दौरान स्वास्थ्य को लाभ पहुंचाता है क्योंकि यह ठंडे प्रकृति का होता है जो शरीर को ठंडा करता है और आपको हाइड्रेटेड रखता है। यह डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक जैसी गर्मियों की कई समस्याओं से बचाता है।

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(4). ओरल हेल्थ:

पुदीने की पत्तियां प्राकृतिक माउथ फ्रेशनर में से एक हैं जो मुंह की दुर्गंध, दांतों की सड़न, दांतों का पीलापन जैसी कई मौखिक स्वास्थ्य समस्याओं से लड़ती हैं। पुदीने में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण मुंह के संक्रमण से राहत दिलाते हैं।

(5). खांसी से बचाव:

मिंट में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो नासल मार्ग खोलता है और सांस लेने में आसानी होती है। छाती पर जमे हुए बलगम को बाहर निकाल देता है और खांसी से राहत मिलती है।

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(6). तनाव को कम करे: 

पुदीने की पत्तियों में सुगंध, स्वाद और एंटीऑक्सिडेंट होते हैं जो तनाव से लड़ने और आराम महसूस करने के लिए एक स्वस्थ पेय के रूप में प्रयोग किया जा सकता है।

(7). मॉर्निंग सिकनेस (कमजोरी) दूर करे:

गर्भवती महिलाओं के लिए सुबह एक गिलास ठंडा पुदीना का शर्बत पीना बहुत अच्छा होता है। तीन ग्राम पुदीना में 0.12 ग्राम प्रोटीन होता है जोकि गर्भवती महिला को मॉर्निंग सिकनेस से राहत मिल सकती है।

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(8). रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाये:

पुदीना के हरे पत्ते में विटामिन सी, डी, ई, कैल्शियम, फॉस्फोरस, और विटामिन बी कॉम्प्लेक्स की कम मात्रा होती है यदि दिन में 2-3 गिलास शर्बत पी लिया जाए तो प्रतिरक्षा प्रणाली में कुछ सुधार लाया जा सकता है।

(9). त्वचा की देखभाल:

पुदीना त्वचा संबंधी समस्याओं जैसे मुंहासे, दाग-धब्बों के इलाज के लिए एक प्राचीन औषधि है। पुदीने की पत्तियों में शक्तिशाली जीवाणुरोधी, एंटिफंगल और सूजनरोधी गुण मुँहासे के इलाज में प्रभावी होते हैं और मुँहासे के प्रकोप से जुड़ी सूजन और लालिमा को कम करते हैं।

पुदीने की पत्तियों में उच्च सैलीसिलिक अम्ल और विटामिन ए होता है जो त्वचा में सेबम तेल के स्राव को नियंत्रित करता है और मुंहासों को ठीक करने में मदद करता है।

पुदीने की पत्तियों का अर्क मुंहासों के इलाज और रोकथाम के लिए उपयोगी है। पुदीने की पत्तियों में मेन्थॉल और प्राकृतिक एंटीऑक्सिडेंट की प्रचुरता त्वचा के लिए एक अद्भुत क्लींजर, टोनर और मॉइस्चराइजर के रूप में उपयोग की जाती है। पुदीने की पत्तियां त्वचा को टोन करती हैं। रूखी और खुजली वाली त्वचा को मुलायम बनाती हैं।

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(10). वजन घटाने में मदद करता है:

पुदीना की पत्तियां स्वस्थ तरीके से वजन कम करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं क्योंकि इसमें बहुत कम कैलोरी होता है। पुदीना की पत्तियों की चाय का भी सेवन किया जा सकता है ध्यान रहे कि चीनी की जगह शहद का प्रयोग करें।

पुदीने की पत्तियों के साइड इफेक्ट:

पुदीने की पत्तियां आमतौर पर सेवन के लिए सुरक्षित होती हैं, हालांकि (Gastroesophageal Reflux Disease) वाले लोगों को इसका सेवन कम से कम करना चाहिए क्योंकि इससे पेट में जलन हो सकती है।

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें। नेचुरल वे क्योर इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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