Kheera khane ke fayde aur uske poshak tatva | खीरा खाने के फायदे और उसके पोषक तत्व

परिचय: खीरा (Kheera) भारत में बहुत लोकप्रिय और व्यापक रूप से उगाई जाने वाली सब्जी है। खीरा (Kheera) के सेवन से शरीर को शीतलन और ताज़गी मिलती है। इसमें स्वास्थ्य के लिए लगभग सभी आवश्यक तत्व शामिल हैं। खीरे की कई किस्में होती हैं जो आकार और रंग में भिन्न होती हैं। इसका रंग सफेद हरे से गहरे हरे रंग का होता है। परिपक्व होने पर यह नारंगी, पीले या भूरे-पीले रंग में बदल जाता है।  इसका आकार 8 से 30 सेमी और उससे अधिक होता है। ताजा, दृढ़, चिकना, नियमित आकार का और गहरा हरा रंग उपयोग के लिए सबसे अच्छी किस्म है। 

उत्पत्ति और वितरण:

माना जाता है कि खीरा (Kheera) की उत्पत्ति उत्तर भारत में हुई थी। यह प्राचीन मिस्रियों, यूनानियों और रोमनों के लिए जाना जाता था और छठी शताब्दी ईस्वी में चीन में पाया गया था। यह अब पूरी दुनिया में फैल चुका है। इसकी खेती के क्षेत्रों में उत्तरी और दक्षिणी भारत, दक्षिण पूर्व एशिया, चीन, अफ्रीका, मध्य और दक्षिण अमेरिका, कैरिबियन और सबसे उष्णकटिबंधीय क्षेत्र शामिल हैं। 

खाद्य मूल्य | Food Value:

पोषक रूप से खीरा (Kheera) में अपेक्षाकृत उच्च खनिज सामग्री होती है। इसकी त्वचा (छिलका) सबसे मूल्यवान है क्योंकि इसमें लवण और विटामिन होते हैं। इसलिए इसे छीलना नहीं चाहिए। यह पोटैशियम, सोडियम, मैग्नेशियम, सल्फर, सिलिकॉन, क्लोरीन और फ्लोरीन का भी मूल्यवान स्रोत है। सब्जियों, अनाजों, फलों, नट्स और सलाद के साथ लिया जाने वाला खीरा खाद्य पदार्थों के पोषण मूल्य को बढ़ाता है। यह आमतौर पर गाजर, चुकंदर, टमाटर, मूली, सलाद और अन्य सब्जियों के साथ सलाद के रूप में प्रयोग किया जाता है। सलाद में कुछ दही मिलाने से यह बहुत ही पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन बन जाता है।

(खीरा)

FOOD VALUE:
कैलोरी13
नमी      96.3%
प्रोटीन    0.4%
फैट     0.1%
मिनरल्स  0.3%
फाइबर    0.4%
कार्बोहाइड्रे2.5%
मिनरल्स और विटामिन्स:
कैल्शियम10 mg
फॉस्फोरस25 mg
आयरन1.5 mg
विटामिन सी7 %
जितने भी फ़ूड वैल्यू बताये गए हैं ये सब प्रति 100 ग्राम की मात्रा में बताये गए हैं।

प्राकृतिक लाभ और उपचारात्मक गुण:

खीरे में क्षारीय बनाने वाले खनिज 64.05 प्रतिशत और अम्ल बनाने वाले खनिज 35.95 प्रतिशत मौजूद होते हैं। यह खनिज व्यवस्था खीरा को निश्चित उपचारात्मक  गुणों के साथ निवेश करती है। यह रक्त की क्षारीयता को बनाए रखने में इसे उपयोगी बनाता है। यह सबसे अच्छे प्राकृतिक मूत्रवर्धक औषधि के रूप में भी काम करता है, मूत्र के प्रवाह को स्रावित और बढ़ावा देता है। इसे हमेशा कच्चा ही खाना चाहिए क्योंकि पकाने में इसके पोटेशियम और फास्फोरस नष्ट हो जाते हैं। 

कब्ज में खीरा फायदेमंद:

खीरा (Kheera) एक भरोसेमंद रेचक भोजन है। यह आंत्र क्रिया में सहायता के लिए थोक आपूर्ति करता है। जो लोग कब्ज से पीड़ित हैं उन्हें दिन में दो खीरा (Kheera) खाने से काफी फायदा हो सकता है। 

पेट के विकार में खीरा के फायदे:

खीरे (Kheera) का रस अति अम्लता, गैस्ट्रिक और ग्रहणी संबंधी अल्सर के उपचार में एक मूल्यवान खाद्य औषधि है।  ऐसी स्थितियों में इसे हर दो घंटे में चार से छह औंस की खुराक में लेना चाहिए। खीरे से पर्याप्त रस निकाला जा सकता है क्योंकि इसमें 96 प्रतिशत पानी होता है। पेट में जलन होने पर यह तुरंत आराम देता है।

खीरा खाने से गठिया में फायदा:

गाजर, चुकंदर और अजवाइन के रस के साथ खीरे का रस, गठिया, गाउट जैसे यूरिक एसिड के संचय से जुड़ी स्थितियों में बहुत लाभकारी प्रभाव डालता है। 

मूत्र संबंधी विकार में खीरा खाने के फायदे:

खीरे (Kheera) के बीज पोटैशियम से भरपूर होते हैं। ऐसे विकारों के शिकार व्यक्तियों में मूत्र, पथरी या मूत्र में जलन के उपचार में छिलके के बीजों का पायस अत्यधिक लाभकारी पाया गया है। छिलके वाले बीजों का इमल्शन दही के साथ मिलाकर मूत्र मार्ग में बजरी को घोलने और मूत्र की अति अम्लता को कम करने में उपयोगी होता है। 

हैज़ा में खीरा के फायदे:

एक गिलास ताजे पत्तों के रस को नारियल के पानी में मिलाकर, हर घंटे एक या दो औंस दिया जाए तो हैजा के दौरान अत्यधिक प्यास को कम किया जा सकता है।  यह निर्जलीकरण (Dehydration) में इलेक्ट्रोलाइट तरल संतुलन को बनाये रखने में उत्कृष्ट कार्य करता है। 

खीरा त्वचा का फटना रोके:

त्वचा के फटने में खीरे (Kheera) का रस कारगर साबित हुआ है।  बेहतर परिणाम के लिए इस रस में गाजर, सलाद पत्ता का रस मिलाना चाहिए। कुछ मामलों में थोड़ा अल्फाल्फा का रस मिलाने से उनकी प्रभावकारिता को तेज करने में मदद मिल सकती है। 

सौंदर्य सहायता के लिए खीरा फायदेमंद:

कद्दूकस किया हुआ खीरा (Kheera) चेहरे, आंखों और गर्दन पर 15 से 20 मिनट के लिए लगाने से सौंदर्य में सहायक और चेहरे की त्वचा के लिए एक बेहतरीन टॉनिक के रूप में प्रभावी पाया गया है। इसके नियमित प्रयोग से चेहरे पर कील-मुंहासे, ब्लैक हेड्स, झुर्रियां और रूखापन दूर होता है। खीरे का रस अपने उच्च सिलिकॉन और सल्फर सामग्री के कारण बालों के विकास को बढ़ावा देता है खासकर जब गाजर, सलाद पत्ता और पालक के रस के साथ मिलाया जाता है।

प्राकृतिक उपचार के फायदे: हर कोई चाहता है कि हमारे समस्या का निदान प्राकृतिक रूप से हो तो बेहतर है। विश्व में सबसे सुरक्षित प्राकृतिक उपचार को ही माना जाता है क्योंकि बिना शारीरिक दुष्प्रभाव के रोगों का निदान सफलतापूर्वक हो जाता है। इसलिए हर कोई चाहता है कि बिना दवा के प्राकृतिक उपचार हो तो बेहतर है।

सावधानियां: वैसे तो खीरा (Kheera) खाना सुरक्षित है लेकिन आपका किसी डॉक्टर इलाज हो रहा हो तो डॉक्टर के सलाह के अनुसार ही सेवन करें।

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें। नेचुरल वे क्योर इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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