पेट दर्द और अपच का घरेलू उपाय | Home remedies for indigestion and colic pain

                                                        अपच (Indigestion)

पर्यायवाची: अजीर्ण/अपच/भोजन ठीक से न पचना

परिचय- घरेलू बोलचाल की भाषा में इसको ‘अपच’ और ‘बदहजमी’ के नामो से जाना जाता है। इसमें रोगी का खाया हुआ भोजन ठीक प्रकार से पच नहीं पाता है तथा रोगी की भूख भी कम हो जाती है। प्रायः इस रोग से पीड़ित रोगी चिकित्सक के पास अनेक प्रकार की शिकायतें जाकर करता है यथा- मेरा पेट ठीक नहीं रहता है, पेट में भारीपन रहता है, भोजन सामान्य रूप से पच नहीं रहा है, भोजन करने का मन ही नहीं होता है इत्यादि।

अस्तु खाये हुए भोजन का न पचना ही अजीर्ण/ अपच/ बदहजमी है। जठराग्नि की मन्दता से भोजन का परिपाक (पाचन) नहीं होता है और खाये हुए भोजन की अपरिपक्वता को ही ‘अजीर्ण’ के नाम से जाना जाता है।

अपच के लिए घरेलू नुस्खे:

• कागजी नींबू के रस में जायफल पीसकर रोगी को चटाने से दस्त साफ होकर अफारा मिट जाता है।

• धनिया और सोंठ का बारीक पिसा हुआ चूर्ण 3-3 ग्राम की मात्रा में लेकर 100 मिलीलीटर गर्म जल के साथ सेवन करने से अजीर्ण/बदहजमी में लाभ होता है।

• तुलसी के ताजा पत्तों का रस 10 मिली० प्रतिदिन सेवन करने से कुछ ही दिनों में अजीर्ण रोग का कष्ट दूर हो जाता है।

• छोटी हरड़ को भूलकर काले नमक के साथ सेवन करने से अपच का कष्ट दूर हो जाता है।

• काली जीरी, राई और पुराना गुड़ प्रत्येक को समान मात्रा में लेकर जंगली बेर के आकार की गोलियां बनाकर सुरक्षित रखने। एक गोली पानी के साथ सेवन करने से अजीर्ण रोग दूर हो जाता है तथा खाया पिया पच जाता है।

                         आंत्रशूल/उदरशूलपेट में दर्द (Intestinal Colic, Colic Pain)

 पर्यायवाचीपेट में दर्द (एब्डोमिनल पेन Abdominal Pain) गैस्ट्राल्जिया (Gastralgia) तीव्र उदरशूल, मरोड़, कोलिक, पेटदर्द, एंटरैल्जिया (Enteralgia)

रोग परिचय- छोटी आंत में रूकावट अथवा किसी अन्य कारण से होने वाले पेट दर्द में “आन्त्रशूल” (इण्टेस्टाइनल कोलिक) कहा जाता है। इससे आंतों में किसी प्रकार का यान्त्रिक परिवर्तन नहीं होता है। विभिन्न अंतरंगों (विसरा) में तीव्र तथा उद्वेष्टक (स्पासमोडिक- Spasmodic) पीड़ा को शूल (Colic- कोलिक) कहा जाता हैं इसमें पीड़ित रोगी के पेट के भीतर सुई गढ़ाने जैसा दर्द होता है जो अत्यन्त ही भयानक होता है। इस कष्ट के कारण रोगी अत्यन्त व्याकुल हो जाता है और श्वास तक नहीं ले पाता है।

अस्तु रोगी कष्ट कष्ट से छटपटाता है। इस दर्द की प्रकृति ल- ऐंठन, खोंचा मारना, मरोड़ अथवा अकड़न की तरह होती है। रोगी को पहले नाभि के चारों ओर अथवा पेट के दोनों बगलों से दर्द आरम्भ होकर तदुपरान्त क्रमश: पेट में चारों ओर फैल जाता है। दर्द की धमक के कारण रोगी अत्यधिक बेचैन हो उठता हैं यह दर्द रह-रह कर उठता है। पेट में वायु (गैस) गुड़गुड़ करती रहती है। रोगी को प्राय: कब्ज रहता है तथा जी घबराता है यहाँ तक कि रोगी को कभी-कभी वमन/उल्टी भी हो जाती है। कभी-कभी गैस का दर्द पीठ में भी होता है।

पेट दर्द के लिए घरेलू नुस्खे:

• अजवायन का चूर्ण खाकर ऊपर से गर्म पानी पीने से पेट दर्द में लाभ होता है।

• अदरक का रस और कागजी नींबू का रस समान मात्रा में लेकर उसमें काली मिर्च का चूर्ण 1 ग्राम मिलाकर सेवन करने से पेट दर्द में लाभ होता है।

• भांगरे के 10 ग्राम पत्ते के साथ 3 ग्राम काला नमक थोड़े से पानी में पीस छानकर सेवन करने से पुराना उदरशूल नष्ट हो जाता है।

• संचर नमक 2 तोला, इमली 4 तोला, काला जीरा 8 तोला और काली मिर्च 16 तोला इन सबको बिजौरा नींबू के रस में भली प्रकार खरल करके सुपारी के आकार की गोलियां बना लें। इन गोलियों के सेवन से वायुशूल (गैस का दर्द) नष्ट हो जाती है।

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें। नेचुरल वे क्योर इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

FAQ

17 thoughts on “पेट दर्द और अपच का घरेलू उपाय | Home remedies for indigestion and colic pain”

Leave a Comment